सावन 2019 : बेटी से करवा लें मायके में ये 4 काम, भरेंगे धन के भंडार

सावन मस्त मलंग भोलेनाथ का सबसे प्रिय महीना है। इस माह में शिव जी की पूजा करना सबसे फलदायी माना जाता है। कहते हैं भूखे को अन्न प्यासी को पानी देने वाले कैलाश पति महादेव इस महीने में अपने भक्तों पर अधिक मेहरबान रहते हैं।

सावन मस्त मलंग भोलेनाथ का सबसे प्रिय महीना है। इस माह में शिव जी की पूजा करना सबसे फलदायी माना जाता है। कहते हैं भूखे को अन्न प्यासी को पानी देने वाले कैलाश पति महादेव इस महीने में अपने भक्तों पर अधिक मेहरबान रहते हैं। यूं तो सावन का महीना प्रत्येक व्यक्ति के लिए लाभदायक माना जाता है। मगर लड़कियों व स्त्रियों के लिए यह पावन महीना अति फलदायी व लाभदायक माना जाता है। क्योंकि इस माह में स्त्रियां का प्रमुख त्यौहार तीज भी मनाया जाता है। जिस कारण ये माह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।

श्रावण माह में लड़कियां खूब सज संवर कर रहती हैं। कहा जाता इस माह में इनका श्रृगांर आदि करना बेहद आवश्यक होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार खासतौर पर यह महीना कुंवारी कन्याओं व नई नवेली दुल्हनों के लिए लाभदायक होता है। मान्यतओं के अनुसार सावन महीने के पहले सोमवार को नवविवाहित बेटियां अपने मायके में पहला सावन का त्यौहार मनाने के लिए आती हैं।


माना जाता कि अगर किसी घर में पैसों की कमी हो या घर में पैसा अधिक समय तक टिकता न हो तो सावन में बेटी के मायके आने पर उससे ज्योतिष में बताए कुछ उपाय करवां लें। जिसके बाद आजीवन आपके घर में मां लक्ष्मी की कृपा से धन-धान्य के भंडार भरे रहेंगे।

सौभाग्य की प्रतीक बेटियां देवी लक्ष्मी का स्वरूप कहलाती हैं, इसीलिए कहा जाता है बेटियां अपने भाग्य से घर को सौभाग्यशाली बना देती है। ऐसी मान्यता है कि अगर किसी बेटी की शादी के बाद उसके मायके के हालात बिगड़ने लगे तो सावन में पहली बार बेटी के घर आने पर इसके हाथों से कुछ उपाय जरूर करवां लें।

ये है वो उपाय-
पिता या भाई, बेटी के हाथों से अपने घर के आंगन में एक तुलसी का एक पौधा जरूर लगवाएं। जब तक बेटी मायके में रहती है तब तक रोज़ शाम को तुलसी के नीचे उससे दीपक ज़रूर जलवाएं। मान्यता है इससे घर में सदैव सुख-शांति और समृद्धि बनी रहेगी।

सावन के किसी भी मंगलवार को बेटी के हाथों से गुड़ लेकर उसे मिट्टी के बर्तन में रखकर घर के आंगन या कहीं एकांत में मिट्टी में दबा दें। कहा जाता है ऐसा करने से जल्द ही मकान और संपत्ति से जुड़ी इच्छाएं पूरी होती है।

सावनक के बुधवार को बेटी के हाथ से एक सुपारी लेकर उसमें रक्षा सूत्र (कलावा) बांध लें और उसे पीले कपड़े में लपेटकर घर के किसी कोने में या मंदिर में लटका दें। इस उपाय के पीछे मान्यता है अगर इससे कर्ज़ से हमेशा के लिए मुक्ति मिलती है और आजीवन धन के भंडार भरे रहते हैं।

सावन के सोमवार की सुबह नवविवाहित बेटी को संपूर्ण श्रृंगार करवा के एक आसन पर बैठा दें और फिर माता पिता भी उसके सामने एक गुलाबी कपड़े में थोड़ा सा अक्षत (चावल) और एक चांदी का सिक्का लेकर बैठ जाएं।


इसके बाद गुलाबी कपड़े में उस अक्षत और सिक्के को बेटी के हाथों से बंधवाकर धन रखने के स्थान पर रखें। आख़िर में माता पिता बेटी के चरण स्पर्श करके उसे देवी लक्ष्मी का रूप मानते हुए सभी समस्याओं के निवारण की कामना करें।ो

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